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सालियाँ हुयी मेरे लण्ड की फैन!

हेलो दोस्तों , मेरा नाम रोहित है , मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ।  मैं रिश्तो की कहानियां पेज का बहुत बड़ा फैन हूँ।  मैंने यहां पर बहुत सी चुदाई की कहानी पढ़ी है।  सात महीने पहले तक मेरी शादी नहीं हुयी थी।  मैं बस अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा करता था।  अभी मेरी उसी से शादी हो गयी है।  बहुत ही गजब की रसीली बीवी है मेरी।  पंजाब की लड़की है तो मस्त तो होगी ही।  पांच फुट ९ इंच लम्बा कद ,३६ की चूचियां ३० की कमर और गांड मैंने मार मार के चालीस की कर दी है।  मैं उसे पिछले चार साल से चोद रहा हूँ।   मेरी बीवी को गांड मरवाने में बहुत मजा आता है।  कई बार तो किचन में खाना बनाते हुए ही वो घोड़ी बन कर मुझसे गांड मरवाने लगती है।  
अब मैं अपने बारे में थोड़ा बता दूँ।  मैं पांच फुट ग्यारह इंच का गोरा , गबरू जवान लड़का हूँ।  मेरी जान मेरी बीवी मनदीप का मुझसे शादी करने का कारण मेरा आठ इंच का लण्ड है।  जिस से उसे चुदवाने की आदत पड़ गयी है और अब उस की  छोटा लण्ड लेकर प्यास नहीं बुझती।  हम दोनों यह चंडीगढ़ में अकेले रहते हैं।  मेरे माता पिता लुधिआना  में रहते हैं।  मेरी बीवी दिल्ली की रहने वाली है।  अब सीधे चलते हैं कहानी की तरफ। मेरी शादी के एक महीने बाद ही लॉकडाउन  लग गया।  अच्छा ही हुआ , अब मेरी बीवी की चूत की प्यास और गांड की खुजली मिटाने के लिए मैं चौबीस घंटे उसके साथ था।  मेरा भी लण्ड उसे चौबीस घंटे में तीन चार बाद चोद कर ही शांत होता था।  पर ये ख़ुशी ज्यादा नहीं रही।  या ये बोलू मुझे इस से भी ज्यादा ख़ुशी मिलने वाली थी।  
लॉक डाउन के पंद्रह दिन बाद मेरी दो सालियाँ जो कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ रही थी वो हमारे घर रहने आ गयी। एक का नाम मनप्रीत और दूसरी का गुरप्रीत।    ट्रैन बंद होने की वजह से वो दोनों दिल्ली नहीं जा पायी।  उनके आने से मुझसे ज्यादा दुखी मेरी बीवी थी।  क्युकी अब उसे सिर्फ रात  में ही मेरा लण्ड खाने को मिल रहा था।  मैं भी दुखी था क्युकी घर में तीन जवान लड़किया और साली तीनो बेशर्म। और साला तीनो का फिगर भी एक जैसा।  रोज साली जैसे दूध से नहाती हो , इतना गोरा रंग और चूचियां और गांड देख कर पता चल गया था ये दोनों भी चुदकड़ है साली।  क्या मोटे मोटे तरबूज जैसे चूचियां और गोल गोल गांड।   पूरा दिन घर में आधी नंगी होकर घूमती थी और उन्हें देख कर मेरा लण्ड मुझे बार बार खड़ा होकर परेशान करता।  बहुत रोकता खुद को पर फिर भी दिन में दो बार तो मुठ मारनी ही पड़ती।  फिर एक दिन मेरी बीवी से रहा नहीं गया।  में बहार सामान लेने गया था , घर आया तो देखा वो साली शराब, सिगरेट पी रही है सोफे पर बैठ कर और खुद को ऊँगली से चोद रही है।  वो नशे में धुत्त थी और जैसे ही मैंने पूछा ये क्या कर रही है मनदीप।  उसने बिना कुछ बोले मेरे शॉट्स निचे खींच दिए और लण्ड चूसने लगी।  
अब मुझसे नहीं रहा जाता , माँ चुदाने  गयी मेरी बहने रंडियां आज तो मैंने चुद्वाना है आज नहीं रहा जाता।  ये बोल कर उसने चूस चूस कर मेरा लण्ड खड़ा कर दिया और घोड़ी बन गयी और बोली डाल दे अब भेनचोद खड़ा क्या है।  मार मेरी बुण्ड।  मैं जब भी उसकी चिकनी गांड देखता मुझसे रहा न जाता और मेरा लण्ड भी खड़ा था।  मैंने भी उसकी गांड हलकी सी उठायी और एक झटके में उसकी गांड में लण्ड घुसा दिया।  चार साल से उसकी गांड मार रहा हूँ , अब तो फट चुकी है गांड उसकी।  इसलिए अब मैं जोर से झटका मरता हूँ और वो भी जोर जोर से ही गांड मरवाना पसंद करती है।  पर मेरा आठ इंची लण्ड अभी भी उसकी चीखे निकाल देता है।  हम अपने रूम में नहीं थे , बाहर ही बैठक में चुदाई कर रहे थे।  और उसकी चीखे सुब कर दस मिनट में ही उसकी दोनों बहने बाहर आ गयी और मैंने उन्हें देख कर मनदीप की गांड मारनी बंद कर दी और तुरंत उठ कर शॉट्स पहन ली।  मैं तो शांत खड़ा हुआ पर मनदीप उन्हें गालिया देने लगी।  भेनचोदियो रंडियो तुम्हारी वजह से मैं प्यासी रह गयी आज भी।  यहाँ क्या माँ चुदवाने आयी हो अपने बॉयफ्रेंड के पास जाओ उन से गांड मरवाओ अपनी सालियो।  इतना बोल कर वो गुस्से में नंगी ही रूम में चली गयी।  
मैंने दोनों को थोड़ा समझाया ये तो पागल है बुरा नहीं मन ना इस बात का।  पता नहीं क्यों वो सालियाँ हंस  रही थी जब में उन्हें समझा रहा था।  शायद मेरा लण्ड खड़ा हुआ था और शॉट्स में से साफ़ पता लग रहा था इसलिए।  खेर वो बात वही खत्म हो गयी।  उसी रात को हम चारो  डाइनिंग टेबल पर खाना खा रहे थे और मैंने महसूस किया कोई मेरा लण्ड सेहला रहा है।  मुझे लगा शायद मनदीप है और मैंने भी हाथ निचे किया और अपना लण्ड उस हाथ से मसलवाने लगा और वो हाथ पकड़ कर शॉट्स के अंदर डाल दिया।  थोड़ी देर मैं मैंने देखा मनदीप के तो दोनों हाथ ऊपर है टेबल पर।  तो भेनचोद लण्ड कौन हिला रहा है मेरा।  मैंने चुप कर देखा तो मनप्रीत का हाथ था वो और वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी।  इतने में सामने से गुरप्रीत ने भी अपने पेरो को मेरे पैर और जांघो पर रगड़ना शुरू कर दिया।  खाना खत्म होने के बाद मनदीप किचन में गयी  और मैंने उन दोनों को पूछा।  क्या कर रही हो सालियो ये तुम।  वो धीरे से बोली जीजू यार बीस दिन हो गए हैं हमने चुदाई नहीं करवाई।  हॉस्टल में तो रोज लण्ड खाती थी और आज जब से आपका लण्ड देखा है रहा नहीं जा रहा यार।  दीदी को धोखा देने का मन कर रहा है। 
रोज लेस्बो करती हैं हम दोनों रात में पर जीजू यार हम पर रेहम कर दो यार।  अब उनके जैसी गर्म सेक्सी और हसीन रंडियो को चोदने  से मना भी कोन पागल कर सकता है और ये साली तो खुद से बोल रही हैं हमें चोदो।  मैंने बोला ठीक है रात में सोना नहीं।  मनदीप के सोने के बाद तुम्हे मैसेज करूँगा।  मैंने तो प्लान बनाना था वो रंडिया ये सोच रही थी कि आज ही उन्हें मेरा लण्ड मिल जायेगा।  दोनों रूम में जाते ही नंगी होकर एक दूसरे का पूरा शरीर वेक्स करने लगी और अपनी नंगी फोटो मुझे व्हाट्सप्प पर भेजने लगी।  मनदीप के सोते ही मैंने उन्हें मैसेज किया कि कल रात को हम पार्टी करते हैं , मनदीप को जान बुझ कर ज्यादा पीला देंगे ताकि वो सो जाये और हम पूरी रात एन्जॉय करे।  वो बोली जीजू हम तो सोच रहे थे आप आज ही आओगे।  मैंने बोला सब्र करो रंडी सालियो।  
क्या जीजू आज फिर हम दोनों को एक दूसरे को ऊँगली से चोदना पड़ेगा।  मैंने बोला आज कर लो कल मेरा लण्ड तुम्हे चोदेगा।  पक्का प्रॉमिस।  अगली दोपहर को मैं मार्किट चला गया।  शराब की दुकाने तो बंद थी पर चूत मारनी थी उन रंडियो की।  आज तो एक हजार की बोतल पांच हजार में भी मिले , लेनी है तो लेनी है बस।  ये सोच कर मैंने तीन वोडका की बोतल सात हजार रूपये में ली और साथ में चिकन, सिगरेट , कोल्ड ड्रिंक , ले लिए।  घर जाते शाम हो गयी और मैंने मनदीप को किचन में जाकर बोला ये ले मेरी जान आज की तेरी चुदाई रंगीन करने का सामान ले आया मैं।  वो खुश हो गयी और चिकन पकाने लगी।  मैं और मेरी सालिया बाहर बैठे थे और वहाँ पर मैं उनकी चूचियां और गांड दबा रहा था और मेरे लण्ड से खेल रही थी।  
जीजू जीजू दीदी को सुला दोगे न , शॉट्स निचे कर के वो रंडिया बोली ये देखो हमने आपके लिए चूत शेव की है आज।  मैंने बोला टेंशन मत लो मेरी रंडी सालियो , नींद की गोली भी लाया हूँ , आज तो तुम दोनों को सारी रात चोदना है मैंने।  वो खुशी से उछल पड़ी और मेरे गले लगयी दोनों।  इतने मैं मनदीप आ गयी और हमें ऐसे देख लिया।  खेर मनदीप को किसी तरह मैंने बातो में घुमा लिया और हमारी पार्टी शुरू हो गयी।  मैंने पहला पेग बनाया वो भी पटियाला और साथ में हम सब ने सिगरेट जला ली।  हम सब पक्के शराबी हैं , एक ही घुट में पूरा पेग खत्म कर दिया और थोड़ा थोड़ा चिकन खाया।  मैंने अपनी सालियो को बोला था,  तुम काम पीना , हमें बस मनदीप को पिलाना है।  दो तीन पेग बाद मनदीप को हल्का नशा होने लगा।  
मैं अब मनदीप के साथ बैठ गया और उसे किस करते हुए उसकी चूचियां दबा कर गर्म करने लगा और ऐसे ही उसे लगातार पिलाता गया।  हम तीनो ने पीना बंद कर दिया और बस मनदीप को पीला रहे थे।  मनदीप इतनी गर्म हो गयी और नशे की हालत में बेशर्म भी हो गयी कि  सबके सामने मेरा लण्ड चूसने लगी।  मेरा खड़ा लण्ड देख कर दोनों सालिया भी तड़प उठी और फिर से एक दूसरे की चूत में ऊँगली करने लगी।  अब ये पूरी तरह सेक्स पार्टी हो चुकी थी।  मनदीप के सात पेग हो गए थे और अब आठवां मैंने नीद की गोली के साथ दिया और वो नशे में पी गयी।  बस दस मिनट बाद ही मनदीप आधी नंगी सोफे पर ही सो गयी और में खड़ा होकर नंगा हुआ और सालियो के सामने जाकर लण्ड सहलाने लगा और बोला अब बताओ रंडियो क्या प्लान है तुम्हारा।  वो निचे से तो पहले ही नंगी थी और अब तुरंत टॉप उतार कर पूरी नंगी हो गयी और एक दूसरे को किस करने लगी।  
मैं उनके पास गया और उनके मुँह के बिच में अपना लण्ड टिका दिया।  अब दोनों दो तरफ से मेरा लण्ड चाट रही थी और एक दूसरे की चूचियां दबा रही थी।  दूसरे सोफे पर मनदीप नंगी आधी नंगी सोई हुयी थी और इधर हम तीनो पुरे नंगे चुदाई की तैयार कर रहे थे।  मैंने एक एक कर के दोनों का मुँह चोदा और वो रंडिया भी इंग्लिश फिल्मो की तरह मेरा लण्ड चुस्ती रही।  दोनों ही अभी काम उम्र की थी इसलिए उनकी चूचियों पर छोटी सी निप्पल और उनकी गुलाबी टाइट चूत कमाल लग रही थी।  दस मिनट तक मैं एक एक करके उनका मुँह चोदता रहा।  और उनसे अपने टट्टे और जाँघे सब चटवा कर गीले कर लिए।  अब वो दोनों बोली जीजू चलो अब ढंग से चुदाई करते हैं।  मैंने मनदीप को उठाया और हमारे बैडरूम में लेजाकर नंगा कर के लिटा दिया ताकि उसे लगे रात भर उसकी चुदाई हुयी है।  मनदीप को लिटा कर जब में सालियो के कमरे में गया तो वो रंडिया फिर से लेस्बो कर रही थी।  
एक दूसरे के होंठ  चूस रही थी और चूत रगड़ रही थी।  गुरी ने तो मनु की चूत में ऊँगली डाली हुयी थी।  उन्हें ऐसा देख कर मेरा जोश और बढ़ गया और फिर से मैं उनके पास जाकर उनका मुँह चोदने लगा।  इस बार फिर वही पागलपन लण्ड की प्यास उन्हें मेरा लण्ड आइस क्रीम लग रहा था और वो चाट रही थी।  मैंने भी दोनों के बाल पकड़ कर दम भर उनसे लण्ड चुसवाया।  अब में लेट गया और गुरप्रीत मेरे होंठ चूसने लगी और मनप्रीत अभी भी मेरा लण्ड चूस रही थी।  मैं गुरप्रीत की चूचियां दबा रहा था और एक हाथ से मप्रीत से लण्ड चुसवा रहा था।  गुरप्रीत अब बिलकुल गर्म हो चुकी थी और वो उठ कर मेरी छाती पर बैठ गयी और अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी।  ऐसी गुलाबी टाइट चूत तो चार साल पहले मनदीप की थी जिसे मैंने चोद चोद कर काली कर दी।  ऐसी चूत देखते ही मैंने भी तुरंत अपनी जीभ निकाली और चाटने लगा।  मेरे चाटने के तरीके से गुरप्रीत की हवस और बढ़ गयी और वो आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह सिसकियाँ लेने लगी।  उस रंडी ने मेरे बाल पकड़ कर  मेरा मुँह पूरी तरह चूत में दबा दिया।  
मैंने भी उसकी चूत के अंदर ही जीभ डाल दी और उसे और तड़पने पर मजबूर कर दिया।  मनप्रीत अभी भी मेरा लण्ड चूस रही थी और खुद ही अपनी चूचियां दबा रही थी।  मैं दस मिनट तक गुरप्रीत की चूत ऐसे चाटता  रहा और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।  साली रंडी ने पूरा पानी मेरी जीभ से साफ़ करवाया।  पर उसकी चूत का पानी भी बहुत टेस्टी था।  अब मनप्रीत ने उसे खींच कर पीछे किया और बोली साली मुझे भी मजे लेने दे अब तू आ जीजू का लण्ड चूस में फुद्दी चटवा लूँ।  
अब मनप्रीत मेरी छाती पर और गुरप्रीत निचे मेरे लण्ड पर।  अब मैंने मनप्रीत को तड़पना शुरू किया।  इसकी भी चूत टाइट और गुलाबी और मेरी जीभ ने इसे भी गुरप्रीत की तरह ही चोदा।  मनप्रीत सब से छोटी है और इस लिए उसकी चूत का स्वाद सब से अच्छा लगा मुझे।  दस मिनट बाद गुरप्रीत ने लण्ड चूसना बंद किया और लण्ड पर चढ़ के बैठ गयी।  आठ इंची लण्ड उसे पानी चूत के अंदर लेने में ही दो मिनट लग गए।  वो आआह्ह्ह आआअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह चीखती रही पर लण्ड की इतनी प्यासी कि दर्द भूल कर बस अपनी चूत फड़वाने में लगी हुयी थी।  इधर अभी भी मैं मनप्रीत की चूत चाट रहा था।  पीछे से आवाज आयी , जीजू दीदी सही में बहुत लकी है यार।  इतना लम्बा और मोटा लण्ड खाकर तो वो रोज चरमसुख का आनंद लेती होगी।  
मैंने बोला आज दीदी की माँ चोद और खुद को चुद्वा मेरे लण्ड से रंडी।  वो हंसने लगी और अब धीरे धीरे अपनी गांड ऊपर निचे कर के चुद वाने लगी।  पांच ही मिनट में उसने स्पीड बढ़ा दी और अब जोर जोर से उछलने लगी।  इधर मनप्रीत ने मेरा सिर पकड़ कर चूत में दबा लिया।  
मनप्रीत भी अब पानी छोड़ चुकी थी और उसने गुरप्रीत को बोला तू अब घोड़ी बन जा और जीजू इसकी बुण्ड मारो अब।  पंद्रह मिनट हो चुके थे और गुरप्रीत की चूत ने भी पानी छोड़ दिया था।  वो तुरंत घोड़ी बन गयी और मैंने उसकी गांड पर तेल लगाया और धीरे धीरे लण्ड डालना शुरू किया।  मनप्रीत उसके निचे से उसकी चूत चाट रही थी और उसकी चूचियां दबा कर उसका दर्द काम कर रही थी।  दो मिनट में ही मेरे लण्ड ने गुरप्रीत की गांड फाड़ दी और पूरा अंदर घुस गया।  
ये पंजाबी लडकियां गांड मरवाने की इतनी शौकीन क्यों होती है , साली जोर जोर से चीला रही थी आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह जीजू जोर से मारो मेरी बुण्ड आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह।  दूसरी निचे से बोल रही जीजू मेरे लिए भी बचा लेना अभी मुझे भी चोदना है अपने।  सारा जोश इस रंडी पे न खर्च कर देना।  मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या करू।  मैं बस गुरप्रीत की गांड ठोक  रहा था और उसकी गांड पर थपड मार रहा था।  निचे मनप्रीत ने उसे जीभ से चोदना शुरू कर दिया था और पानी चूत में ऊँगली कर रही थी।  दस मिनट गांड मरवाने के बाद गुरप्रीत झड़ गयी और बोली मेरा तो हो गया थैंक्स जीजू।  वो साइड होकर लेट गयी और अब मनप्रीत मेरे निचे थी।  मैं भी पचीस मिनट हो चुके थे चोदते हुए, अब झड़ने वाला था।  पर मनप्रीत ने खुद ही मेरे कंधो पर पैर रख कर हवा में उठा लिए और मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत में डाल लिया।  
अब में मनप्रीत को चोद रहा था और उधर गुरप्रीत नंगी लेटी हुयी थी।  मैंने मनप्रीत को बोला पांच मिनट आराम करने दे तो वो साली रंडी गुरप्रीत की छाती पर बैठ  गयी और उस से चूत चटवाने लगी।  मैंने  पांच मिनट आराम कर के मनप्रीत को कुतिया बना लिया और उसने अपनी चूचियां गुरप्रीत के मुँह में दे दी।  अब मैं उसे कुत्तो की तरह चोद रहा था और गुरप्रीत उसकी चूचियां चूस रही थी।  दस मिनट मैं उसे कुतिया बना कर चोदता रहा और वो आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह जीजू बहुत मजा आ रहा है।  पहली बार एक मर्द चोद रहा आज मुझे।  आअह्ह्ह आअह्ह्ह जीजू चूत ने पानी छोड़ दिया अब बुण्ड मारो।  इसकी गांड कुछ ज्यादा टाइट थी , तेल और थूक सब लगाया और उसके बाद जोश जोश में मैंने एक झटके में उसकी गांड फाड़ दी।  वो चिल्ला उठी , जीजू तुमने तो माँ चोद दी मेरी यार।  आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह।  मैंने बोला निकाल लू क्या वो बोली नहीं जीजू अब तो फट गयी , अब तो मारो मेरी बुण्ड जोर जोर से।  अब गुरप्रीत उसकी चूत निचे से चाटने लगी और मैं उसकी गांड मार रहा था।  
दस मिनट बाद उसका भी बुरा हाल हो गया और अब मैंने दोनों का मुँह पकड़ा और लण्ड चुसवाना शुरू किया।  दोनों गांड मरवा कर बेसुध हो चुकी थी इसलिए मैंने जबरदस्ती उनका मुँह चोदा और अपन लण्ड शांत किया।  पांच मिनट बाद मेरे लण्ड ने पिचकारी मारी और मैंने पूरा रस दोनों के ऊपर आधा आधा बाँट दिया।  वो दोनों ने मेरे लण्ड का रस अपने चेहरे और चूचियों पर से साफ़ किया और पी गयी।  अब हम तीनो लेट गए और दूसरे राउंड के लिए तैयार होने लगे।  एक घंटे बाद ही दूसरा राउंड शुरू हुआ और इस बार तो खत्म होने पर वो दोनों बेहोश ही हो गयी।  
सुबह मैं अपने कमरे में चला गया और मनदीप के साथ ही उठा।  हम सब नहा धो कर तैयार हो गए और खाने के टेबल पर मिले।  मनदीप ने बोला कल मेरे सोने के बाद तुम लोगो ने कुछ किया तो नहीं।  मेरी दोनों बहने चुदकड़ है , अपनी दीदी को धोखा दे सकती हैं।  बीस लण्ड खा चुकी है अभी तक।  वो दोनों एक साथ बोली दीदी बीस नहीं इक्कीस।  हम तीनो हसने लगे और मनदीप को शक हो गया इक्कीसवा इसका पति ही है।  मनदीप मुझे घूर के देखने लगी , मैंने बोला जान इन्हे छोड़ न , कल पता में तुझे रात में तीन बार सोये में ही चोदता रहा।  झूठ मत बोलो , इन रंडियो के खिले चेहरे देख कर पता लग रहा है कल ये तुम्हारे लण्ड से रात भर ठुकवा कर आयी हैं।  अब तुम्हारी सजा ये है आज हम तीनो बहनो को तुम अकेले चोदोगे वो भी पूरी रात।  खा पी लो अच्छे से , रात में अगर थके न तो हम तीनो बहने तुम्हे चोद देंगी।  मैं सोच में पड़  गया ये सजा है या मजा। 
उम्मीद करता हूँ आप लोगो का भी मूड बन गया होगा।  कमेंट कर दो , फिर जाओ हवस मिटाओ अपनी।  

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