दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ। मेरे पिता एक बहुत ही बड़े बिज़नेस मैन है और मेरी माँ एक सरकारी बैंक की कर्मचारी है। मैं के अमीर फैमिली से हूँ यही वजह है कि हम मुंबई के अमीर सोसायटी एरिया में रहते है। बस फर्क सिर्फ इतना है कि हमारे यहां दूसरे लोगों जैसा नही है जहां पर लोगों को एक दूसरे से कोई मतलब नही रहता है। हमारे यहां सभी लोग एक दूसरों से एक परिवार की तरह मिल जुलकर बातें करते रहते है। मैं इस सोसायटी में 6 साल से रह रहा था, मेरा बचपन पूरी तरह से इसी सोसायटी के अंदर बीत रहा था। जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती जा रही थी, मेरी जवानी में भी एक उबाल आता जा रहा था। भले ही स्कूल के समय मे मेरी बहुत सी गर्लफ़्रेंड थी, लेकिन मेने भी तक किसी के साथ सेक्स नही किया था। सीधे शब्दों में कहूँ तो उस समय मेरा दिमाग वासना के संबंध में ज्यादा आगे तक नहीं गया था। लेकिन जैसे जैसे में बड़ा होता जा रहा था, तो लड़कियों के प्रति मैं काफी ज्यादा आकर्षित होने लग गया था। सीधे शब्दों में एक समय वो था, जब मैं लड़कियों का चेहरा देखकर उनकी खूबसूरती का अंदाजा लगाया करता था और एक समय अब है जब मैं लड़कियों के फिगर, गांड ओर बूब्स देखकर ही उनका दीवाना होता चला जाता हूँ। पहले के जमाने मे लड़कियों की सुंदरता देखी जाती थी, लेकिन आज के जमाने मे लड़की भले ही सुंदर ना हो, लेकिन अगर उसका फिगर अच्छा है तो उसे देखने भर से ही आपका लन्ड खड़ा हो जाता है।
खैर अभी हम इन सभी बातों को थोड़ा साइड में रखते है और मेरी कहानी की तरफ बढ़ते है। हमारी सोसायटी काफी बढ़ी थी, ओर वहां पर काफी फ्लेट खाली होने की वजह से वहां पर धीरे-धीरे काफी लोग रहने के लिए आने लग गए थे। लेकिन एक दिन ऐसा समय आया जिसने मेरी जिंदगी को ही बदल के रख दिया था। मैं तो हमेशा यही सोचता रहता था कि अब तो शादी के बाद ही चुदाई का अवसर प्राप्त होगा, लेकिन मेरी किस्मत में तो शादी से पहले भी सेक्स करना लिखा हुआ था। और यह सब संभव हो पाया एक लड़की की वजह से, तो चलिए इस लड़की के बारे में जानते है। मैं जिस लड़की के बारे में बात करने वाला हूँ उसका नाम रोशनी है और रोशनी हमारी ही सोसायटी में ठीक मेरे ही सामने हमारी नई पड़ोसन बनकर रहने आयी थी। अगर पैसों के मामले में देखा जाये तो रोशनी का हमसे भी ज्यादा राहीज था। इस बात का अंदाजा तो मैने रोशनी के शौक ओर कपड़ों से भी लगा लिया था। रोशनी काफी खूबसूरत दिखने वाली लड़की थी, लेकिन उसे स्लीवलेस ओर अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े पहनना काफी पसन्द था। रोशनी चाहे किसी भी तरह के कपड़े पहने लेकिन उसके कटीले फिगर ओर लाजवाब गांड ओर बूब्स की वजह से वह काफी आकर्षित दिखने लगती थीं। रोशनी बिल्कुल दूध की गोरी लगती थी और उसकी आँखों में लगा वो हल्का सा काजल तो जैसे मेरी जान ही ले लेता था। रोशनी जब भी नहाकर उपर बाल सुखाने आती थी, तो उसे देखकर तो मेरे लन्ड पर एक अलग ही कम्प्पन महसूस होने लग जाया करता था। यह कहना बिल्कुल भी गलत नही होगा कि ऐसा कटीला शरीर जरूर काफी फुर्सत से बनाया गया होगा।
अब मैं रोशनी की इतनी ज्यादा भी तारीफ नही करना चाहूंगा लेकिन मैं इतना तो पूरे दावे के साथ कह सकता हूँ कि अगर कोई बूढ़ा आदमी भी एक बार रोशनी को देख लेना तो उसका भी लंड खड़ा हो जाए। जैसा कि मैने आपको बताया कि हमारी सोसायटी ओर लोगों की तरह नही थी, यहां पर सभी लोग मिल जुलकर ही रहा करते थे। यही वजह थी कि काफी कम समय मे रोशनी ओर मेरे घर वाले एक दूसरे के अच्छे पड़ोसी बन बन गए थे। अब धीरे-धीरे तो मैं रोशनी को पटाने के बारे में भी सोचने लग गया था। कुछ दिन तक तो मैं ऐसे ही रोशनी की पसंद ओर नापसंद के बारे में जानने की कोशिश करने लगा और फिर आखिरकार, मेने काफी हद तक रोशनी की पसंद ओर नापसंद के बारे में जान लिया था। कुछ दिनों में मुझे पता चला कि रोशनी को किताबें पढ़ने का बहुत ही ज्यादा शौक है और जैसे ही मुझे इस बारे में जानकारी मिली मैं उसी दिन बाजार से बहुत सी किताबें खरीद के अपने घर पर ले आया था। अब जैसे ही रोशनी कभी मुझे छत पर नजर आती थी, तो मैं उसके सामने किताबें पढ़ने का नाटक करने लग जाया करता था। कुछ दिन तो रोशनी ने मुझ पर ध्यान नही दिया, लेकिन थोड़े ही दिन बाद रोशनी ने भी मुझे नोटिस करना शुरू कर दिया था। लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह थी कि मुझे अब यह समझ ही नही आ रहा था कि अब आगे क्या करना चाहिए। कुछ दिन तक सोचते रहने के बाद अपने आप ही मेरे काम बनने शुरू हो गए थे। एक दिन ऐसा हुआ कि मैं घर से कहीं बाहर गया हुआ था, ओर जैसे ही मैं दोबारा घर पहुँचता हूँ तो मैं देखता हूँ कि रोशनी अपनी माँ के साथ मेरे घर ही बैठी हुई होती है।। ।।।।।
मेने जैसे ही रोशनी को देखा तो मेरा शरीर पूरी तरह से कांप ही गया था।।।। मेने पहली बार रोशनी को इतने करीब देखा था। यह कहना गलत नही होगा कि रोशनी बहुत ही खूबसूरत माल थी। ।।। जब मेरा ध्यान उसके बूब्स की तरफ गया तो मैं हैरान ही रह गया था। रोशनी के बूब्स ड्रेस में एक दम टाइड दिख रहे थे। उसके बूब्स को देखकर तो मेरे लंड में एकदम से झुनझुनी ही पैदा होने लग गयी थीं।।।।। मैं चुपचाप से रोशनी की तरफ देखता हुआ अपने कमरे की तरफ बढ़ने लग जाता हूँ।।। इस दौरान रोशनी भी मुझे पूरी तरह से नोटिस कर रही थी और यह कहना बिल्कुल भी गलत नही होगा कि रोशनी आंखों को पढ़ना वाकई में अच्छे से जानती थी।।।।। कुछ देर बाद रोशनी अचानक से मेरे कमरे की तरफ आती है ओर से अपने कमरे की तरफ आता देख बिल्कुल हैरान ही रह जाता हूँ। पहले तो रोशनी मेरे करीब पहुँचती है और फिर मेरे पास आकर कहती है कि “क्या आपको किताबें पढ़ने अच्छा लगता है? मेने कई बार आपको छत पर किताबें पढ़ते हुए नोटिस किया है”।।।।।। यह सुनकर मेरे चेहरे पर अजीब सी स्माइल आ गई थी क्योंकि रोशनी को फंसाने का जो मेने प्लान बनाया था, वो शायद अब धीरे-धीरे काम आने लग गया था।।।।।
“हाँ मुझे किताबें पढ़ने का बहुत शौक है”।।।-मेने जवाब देते हुए कहा ।।।।।
इस दौरान रोशनी के मुंह पर हल्की सी मुस्कान आयी और फिर उसने पहले तो मुझसे मेरा नाम पूछा ओर फिर मुझसे मेरी कुछ पसंदीदा किताबें पढ़ने के लिए मांग ली थी।।।।।। मेने उसी वक्त अपनी कुछ किताबें रोशनी को पढ़ने के लिए दे दी थीं।।।। फिर रोशनी अपनी मम्मी के साथ अपने घर पर निकल गयी थी। उस दिन मैं बहुत खुश था, क्योंकि अब किताबों के लेन-देन के ही बहाने अब मेरी रोशनी से थोड़ी बहुत कुछ बातें हो जाया करती थी।।। अब जब भी रोशनी मुझसे किताबें लेने आया करती थी, तो मैं उसे छूने का कोई बहाना नही छोड़ा करता था। रोशनी के हाथ बहुत ही ज्यादा मुलायम लगते थे, इससे पता चलता था कि रोशनी का शरीर भी काफी मुलायम होगा, क्योंकि उसके शरीर की सुंदरता को देखकर ही लगता था कि उसने अपने शरीर पर बहुत अच्छे से काम किया है।।।। अब धीरे-धीरे मेने रोशनी का नम्बर भी ले लिया था और अब अक्सर रोशनी ओर मेरी फ़ोन ओर चैट पर बातें हो जाया करती थी।।। हम दोनों एक दूसरे से बात तो कर लिया करते थे, लेकिन अब मेरी समझ मे यह नही आ रहा था कि आखिर मैं रोशनी के साथ सेक्स कैसे करूँ।।।। अब मैं दिन-रात बस रोशनी के ही ख्यालों में ही डूबा रहता था ओर मेरे दिमाग मे बस रोशनी की ही तस्वीर आती रहती थी।।।। रोशनी से चुदाई की चाहत के चलते मैं इतना ज्यादा पागल हो गया था कि मैं दिन में 4 बार रोशनी के बारे में सोचकर मुठ मार लिया करता था।।।।। एक दिन अचानक ही मेरे दिमाग मे एक आइडिया आता है।।।।।।
मैं उस दिन तुरंत ही बाजार जाता हूँ और सेक्सी रोमांस की कुछ किताबें खरीद कर घर पर ले आता हूँ।।।।। कुछ ही दिनों बाद जब रोशनी मेरे घर पर किताबें माँगने के लिए आती है तो मैं चुपके से उसमें एक सेक्सी स्टोरी की किताब भी रख देता हूँ।।। दरअसल मैं यह जानना चाहता था कि ऐसी चीजें पढ़ने के बाद आखिर, रोशनी का व्यवहार कैसा रहता है।।। मुझे इस बात का भी डर लग रहा था कि कहीं रोशनी मुझसे नाराज होकर मुझसे दोस्ती ही ना खत्म कर ले।।।। क्योंकि रोशनी ने आज तक मुझसे इस तरह की बातें भी नही की थी, ओर मैं उसे इस तरह की किताबें पढ़ने के लिए दे रहा था।।।।। कुछ दिन बाद अचानक ही रोशनी का मेरे पास आना होता है। इस बार फिर से मेरे पास किताबें थी, लेकिन उसके चेहरे के हाव भाव बिल्कुल बदले हुए थे, जैसे कि वह मुझसे कुछ कहना चाहती लेकिन कह नही पा रही है। रोशनी के कहे अनुसार, मैं उसके हाथ मे कुछ किताबें दे देता हूँ । ।।। रोशनी बस जाने के लिए कुछ कदम बढ़ाती ही है कि वह दोबारा से घूम कर मेरी तरफ आती है ओर मुझसे कहती है कि “अच्छा तुमने मुझे एक रोमांटिक किताब भेजी थी, क्या तुम्हारे पास ऐसी ओर भी किताबें मौजूद है???
मुझे यह सुनकर काफी हैरानी हो रही थी।।। मुझे लगा था कि रोशनी उस किताब को पढ़ने के बाद मुझपर गुस्सा हो जाएगी, लेकिन यहां पर तो कुछ और ही मुझे देखने को मिल रहा था।।।।। अब मेने रोशनी को रोमांटिक किताबों के साथ सेक्स स्टोरी कि किताबें देना भी शुरू कर दिया था। पहले तो उन किताबों को पढ़कर रोशनी मुजसे थोड़ा नाराज हो गयी थी, लेकिन धीरे-धीरे रोशनी को भी सेक्स स्टोरी पढ़ने की आदत हो गयी थी।।।। एक दिन फोन पर बातों ही बातों में रोशनी ने मुझसे उन किताबों के बारे में पूछना शुरू कर दिया था।।।। शायद वो अब मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा पल था, क्योकि अब रोशनी ने भी मुझसे सेक्स संबंधित बातें करना शुरू कर दिया था।।।।।। मैं दिन पर दिन इतना ज्यादा चुदासा होता जा रहा था कि सिर्फ रोशनी से बातें कर लेने भर से ही मेरी पेंट गीली हो जा ने लग गयी थी।।।।। रोशनी ने आज तक सेक्स नही किया था, लेकिन वह जिज्ञासा रखने वाली लड़की थी।।। रोशनी को हर चीज़ के बारे में जानने का बहुत शौक था और यही वजह थी कि वह सेक्स संबंधित बातों को भी पूरी गहराई के साथ जानना चाहती थी।।।।। कुछ दिन तक तो ऐसे ही चलता रहा लेकिन मेरी सेक्स संबंधित बातें रोशनी के दिमाग पर बहुत तेजी से अपनी छाप छोड़ती ही जा रही थी।।।।। एक दिन ऐसे ही बातों ही बातों में शर्माते हुए रोशनी ने मुझसे पूछा कि “अजय जब कोई लड़का और लड़की एक दूसरे से प्यार करने लगते है तो उनके बीच सेक्स होना भी जरूरी होता है क्या??
रोशनी के बस इस तरह के सवाल पूछने भर से ही मेरा लंड तेजी से खड़ा हो गया था लेकिन मैं उसकी इन बातों का जवाब बिल्कुल शांत मन के साथ देना चाहता था।।।।। तभी मेने जवाब दिया कि “देखो रोशनी दो प्यार करने वालों के बीच सेक्स हो यह ज्यादा जरूरी नही है। आप किसी से सेक्स किये बिना भी उनसे जी सच्चा प्यार कर सकते है। सेक्स तो बस शरीर की एक जरूरत होता है और दो प्यार करने वालों के बीच का एक हसीन लम्हा होता जो वो लोग एक दूसरे के साथ बिताते हैं”।।।। मेरा यह जवाब रोशनी को बहुत ही अच्छा लगा था, इसलिए वह मुझे देखकर शर्माते हुए मुस्कुराने लग गयी थी।।।। रोशनी ने आज तक किसी के साथ सेक्स नही किया था, लेकिन वो जैसे जैसे सेक्स के बारे में जानती जा रही थी, तो उसकी निज्ञासा ओर भी बढ़ती ही जा रही थी।।।। उसके ज्यादातर सवालों के के जवाब मेरे पास नहीं हुआ करते थे, लेकिन ज्यादा बातें करने की वजह से हम एक दूसरे के करीब जरूर आ गए थे।।।।। एक दिन ही ऐसे ही में मेने रोशनी को व्हाट्सएप पर सेक्स की एक वीडियो भेज दी थी।।।। पहले तो 3 से 4 दिन रोशनी ने मुझसे इस वजह से बात नही की क्योंकि वह मुझसे काफी गुस्सा हो गयी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद रोशनी ने खुद ही आगे रहकर मुझसे सेक्स वीडियो मांगना शहर कर दिया था।।।।। मैं पहली बार किसी लड़की को सेक्स के विषय मे इतनी रुचि रखते हुए देख रहा था और यही वजह थी कि मैं बहुत ही ज्यादा हैरान हो गया था।।।।।लेकिन कहीं ना कहीं मुझे इस बात की भी खुशी थी कि अब मुझे रोशनी को चौदने के लिए ज्यादा मनाना नही पड़ेगा।।।।।।
कुछ दिन बाद ही रोशनी ने मुझसे सेक्स चैट करना भी शुरू कर दिया था और फिर एक सही मौका देखते हुए मेने आखिर रोशनी से सेक्स करने के लिए पूछ ही लिया था।।।।।
कुछ दिन तक तो रोशनी ने मेरी बातों का बिल्कुल भी जवाब नही दिया लेकिन एक दिन अचानक ही मुझसे सेक्स करने के लिए मान गयी थी।।।।।। अब सबकुछ सेट था , बस अब एक ही दिक्कत थी कि मुझे रोशनी के साथ सेक्स करने के लिए एक बढ़िया से रूम की जुगाड़ करनी थी।।।।। तभी मुझे अपने एक दोस्त का ख्याल आता है जिसका हमारी ही सोसायटी में रूम होता है।।।। मेरे दोस्त ने पढ़ाई के सिलसिले में यहां पर रूम ले रखा था लेकिन वो ज्यादातर इस शहर से बाहर ही रहता था, इसलिए उसका यहां पर आना जाना कम ही होता था।।।।। मेने जुगाड़ जमाने के लिए ऐसे ही जैसे-तैसे कर के अपने दोस्त से रूम की चाबी ले ली थी।।।।। अब एक दिन अच्छा समय देखते हुए मेने रोशनी को दिन के समय रूम पर आने के लिए भी कह दिया था।।।।।।। ठीक उसी दिन मेरे बताए हुए समय के अनुसार, रोशनी ब्लू कलर की ड्रेस पहनकर एक दम सज धज कर रूम पर आ चुकी थी।।।।। रोशनी को देखकर मुझे यकीन ही नही हो रहा था कि आखिर चुदाई के लिए भी कोई इंसान इतना सज धज कर आ सकता है।।। उस दिन रोशनी ने लम्बी हिल वाली सेंडिल पहन रखी थी, जिससे उसकी हाइट सामन्य से थोड़ी लम्बी दिख रही थी। रोशनी बिल्कुल मेकअप कर के आई हुई थी,उस्के पास एक तेज महक आ रही थी, जोकि मुझे तेजी से उत्तेजित कर रही थी।।।। उस दिन जो मुझे देखकर रोशनी मुस्कुरा रही थी, उस मुस्कान को मैं आज भी नही भुला पाया हूँ।।।
कुछ ही देर बाद रोशनी मेरे साथ रूम में अंदर आ चुकि थी अब हम दोनों रूम मे बिल्कुल अकेले ही मौजूद थे। हम दोनों रूम में बस एक दूसरे से अकेले मे बातें ही किये जा रहे थे, क्योंकि दोनों में से किसी को भी समझ नही आ रहा था कि आखिर इस चुदाई की शुरुआत हमें कहा पर से करनी चाहिए।।।। शायद हम दोनों इसलिए शर्मा रहे थे, क्योकि शायद अभी हमें और भी ज्यादा घुलने मिलने की जरूरत थी।।।।बातों को थोड़ा सा आगे ले जाने के लिए में तुरंत ही उठकर फ्रिज की तरफ जाता हूँ और वहां से एक आइसक्रीम का बॉक्स लेकर वापस आता हूँ।।। अब हम दोनों एक दूसरे से बातें करते हुए आइसक्रीम का मजा लेने लगते है।।। रोशनी ने मेरी भेजी हुई पोर्न वीडियो को शायद बहुत ही ज्यादा सीरियस ले लिया था, क्योकि वह आइसक्रीम चूसते हुए किसी लड़की की तरह मेरी आँखों मे देख रही थी।।। उसके आइसक्रीम चूसने का तरीका बिल्कुल ही उत्तेजित कर देने वाला था और शायद इसलिए रोशनी ने केवल अपनी आंखों से मेरे तम्बू को खड़ा कर दिया था।।।। अब मुझसे ओर इंतजार नही हो सकता था, इसलिए मैं तुरन्त ही खड़ा होता हूँ और अपनी शर्ट को उतारते हुए रोशनी को चौदने के लिए बैड की तरफ बढ़ने लगता हूँ।। तभी रोशनी बैड पर से मेरी तरफ अपनी टांगे करते हुए मेरे सिक्स पैक पर अपनी टांगे रखकर मुस्कुराते हुए मुझे रोकने की कोशिश करने लगती है। शायद रोशनी ऐसा करते हुए मुझे ओर भी ज्यादा उत्तेजित करने की कोशिश करने लगती है। वह अपनी सेंडिल को मेरे पेट पर गोल-गोल करते हुए घुमाने लगती है।।। रोशनी के ऐसा करने पर मेरे लन्ड पर एक तेज कम्पन्न उठने लग जाता है।।। अब धीरे- धीरे रोशनी अपनी टांगों को मेरी पेंट से नीचे करते हुए मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लन्ड पर फेरने लगती है।।।। उसकी इस तरह की कार्रवाई से मेरी उत्तेजना बहुत ही तेजी से बढ़ने लगती है कुछ ही देर में मेरा लन्ड बहुत ही सख्ती के साथ तन जाता है।।।। अब रोशनी अपनी टांगों को पीछे करते हुए मुझे उसकी तरफ आने का इशारा करने लगती है।।।।
अब मैं बैड पर बिल्कुल रोशनी के पास जाकर बैठ जाता हूँ और उसकी टांगों पर अपना हाथ फेरने लगता हूँ।।। रोशनी की जाँघे काफी चिकनी ओर भरी हुई रहती है शायद जिम में अपने शरीर पर काफी मेहनत की हुई थी। उसका शरीर बिल्कुल कसा हुआ था, लेकिन कटिलेपन की वजह से उसका शरीर और भी ज्यादा आकर्षित नजर आने लगता था।।।। अब धीरे से मैं रोशनी की सेंडिल को उतारता हूँ और उसे जमीन की तरफ पटक देता हूँ।।। मेरे पास में ही एक तेल की बोतल थी, जिसमे से में हल्का सा तेल लेकर रोशनी की जांगों पर फेरने लगता हूँ।।।। मेरे द्वारा रोशनी की जांगों पर मालिश करने से वह धीरे-धीरे उत्तेजित होने लग जाती है।।।। मैं अपने हाथों से रोशनी की जांगों के ऊपरी सिरे तक उसकी मालिश करने लगता हूँ इस दौरान कई बार मेरा हाथ रोशनी की योनि की दीवार से भी टकरा जाता है। मालिश करते हुए मेरा ध्यान रोशनी की पेंटी की तरफ जाता है।।। रोशनी ने उस दिन गुलाबी कलर की पेंटी पहन रखी थी, जिसमे से उसकी चुत का शेप भी बहुत अच्छे से उभर कर मेरे सामने आ रहा था।। यह सीन देखकर तो मेरी उत्तेजना ओर भी ज्यादा बढ़ती ही जा रही थी।।।। अब धीरे-धीरे से मैं रौशनी पेंटी को भी खिसकाते हुए उतार देता हूँ|
रोशनी की चुत को देखने के बाद तो मेरा लंड ओर भी ज्यादा तन्ना जाता है और मैं रोशनी के ऊपर चढ़कर उसके होंठ के ऊपर होंठ रखते हुए उसे चूमने लग जाता हूँ।।। रोशनी के होंठ काफी नरम थे, इसलिए उसे चूमने में काफी मजा आ रहा था।।। मैं रोशनी के होंठ के साथ ही उसके गाल ओर गर्दन पर भी चुम्बन की बरसात किये जा रहा था। बैड पर हम दोनों ही एक दूसरे को किसी भूखे भेड़िये की तरह चूमते जा रहे थे। रोशनी को चूमते हुए मेने धीरे से अपना एक हाथ रोशनी की चुत के अंदर डाल दिया था।।। मैं अपनी दोनों उंगलियों से रोशनी की चुत को पूरी रफ्तार से चोदता जा रहा था, दूसरी तरफ रोशनी की गर्दन पर भी चुमता जा रहा था।।।। पूरे कमरे में इस समय सिर्फ रोशनी की “आह आह ओह्ह आह” की सिसकारियों की आवाजें गूंज रही थी।।। रोशनी ने उस दिन एक स्टाइलिश पारदर्शी ड्रेस पहन रखी हुई थी, जिसमे से उसकी काली ब्रा अंदर से साफ दिखाई दे रही थी।।।। ड्रेस के अंदर से ही उसके बूब्स काफी टाइड ओर कसे हुए दिखाई दे रहे थे, इसलिए मुझसे बिल्कुल भी रहा नही जा रहा था। मेरी नजर इतने दिनों से जिस बूब्स को देख रही थी, आज उसको चूमने का समय भी आ गया था।
अब धीरे-धीरे करते हुए मेने रोशनी की ड्रेस को भी उतार कर नीचे फेंक दिया था और लगे हाथ मेने रोशनी की ब्रा को भी निकालकर नीचे की तरफ फेंक दिया था।।।। अब मन किसी भूखे जानवर की तरह अपना पूरा मुंह ही रोशनी के गुब्बारे जैसे टाइड बूब्स के अंदर घुसा दिया था। पहले तो मैने अपने हाथों में हल्का सा तेल लगाया और फिर मैं रोशनी के टाइड बूब्स की अपने हाथों से ही मालिश करने लग गया था।।। रोशनी के बूब्स वाकई में काफी लाजवाब थे, उसके गुलाबी निप्पलों को देखकर मैं खुद को उसका स्वाद चखने से रोक ही नही पा रहा था।।। लेकिन मैं इसे थोड़ा और शानदार बनाना चाहता था और इसलिए पहले तो मैने आइसक्रीम के बॉक्स से थोड़ी आइसक्रीम निकाली और फिर उसे रोशनी के बूब्स पर ले जाकर रख दी थी।।। अब मैं रोशनी के निप्पलों को चूसते हुए आइसक्रीम का स्वाद ले रहा था। रोशनी के गुलाबी बूब्स ने आइसक्रीम का स्वाद और भी ज्यादा बढ़ा दिया था। करीब 10 मिनट तक तो मैं सिर्फ रोशनी के निप्पल ही चूसता रह गया था।।।
अब एक -एक कर के मेने अपने सभी कपड़ों को भी खोल दिया था।।।। कुछ ही देर में मैने अपने लंबे चौड़े लंड को निकालकर रोशनी के मुंह के सामने रख दिया था। अब रोशनी अपने घुटने पर आकर बैठ गयी थी।।। रोशनी ने पहली बार इतने बड़े लंड को देखा था और शायद इसलिए वह मेरे लन्ड को देखकर पूरी तरह से हैरान ही रह गयी थी।।। रोशनी ने आज तक किसी का लन्ड मुंह के नही लिया था, इसलिए वह मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाने लग गई थी।।। वह सिर्फ मेरे चेहरे को देखते हुए मेरे लन्ड को हिलाये जा रही थी।।। तभी मेने रोशनी के मुंह पर अपना लंड रखकर उसे लंड को चूसने के लिए कहा।।। अब रोशनी सिर्फ टोपे तक मेरे लन्ड को चूसने लग गई थी।। शायद उसे मेरे लन्ड का स्वाद पहली बार मे अच्छा नही लगा इसलिए उसने थोड़ी ही देर में मेरे लंड को अपने मुंह से बाहर निकालते हुए नीचे थूक दिया था।। लेकिन मेने उसे फिर अपना लंड चूसने के लिए कहा थोड़ी देर बाद चूसते हुए वह अच्छे तरीके से मेरे लन्ड को अपने मुंह मे लेने लग गयी थी।। अब वह मेरे लन्ड को हिलाते हुए मजे से मेरे लन्ड को चूसने लग गयी थी।।। कुछ ही देर में मेने रोशनी के बालों को।पकड़ा और तेजी से अपने लन्ड को रोशनी के मुंह मे डालकर उसके मुँह को चौदने लग गया था। मैं रोशनी।के पुरे गले तक लन्ड उतारकर उसे चोदता ही जा रहा था, इसलिये फिर जैसे ही फिर मेने रोशनी के मुंह से अपने लन्ड को बाहर निकाल तो उसकी सांसे भराने लग गयी थी।।।
जब कुछ देर बाद रोशनी को फिर से ठीक लगने लगा तब मेने भी रोशनी की चुत के बीज को चाटना शुरू कर दिया था। इस दौरान रोशनी की सांसे काफी तेज होती जा रही थी। कुछ देर तक तो मैं ऐसे ही रोशनी की चुत को चाटता रहा और फिर मेने अपने 9 इंच के ओजार को ले जाकर रोशनी की चुत पर रख दिया था। पहले तो मैने रोशनी की चुत पर अपने लन्ड को ठीक से सेट किया और फिर एक ही झटके में आने पूरे लन्ड को रोशनी की चुत ले जाकर घुसेड़ दिया था। इस दौरान रोशनी दर्द के कारण चिल्ला उठी थी और बैड पर से हल्का सा उचक बीभी गयी थी।। मेने देखा कि इस दौरान रोशनी की चुत में से हल्का सा खून निकल गया था। मैं इतनी गहरी उत्तेजना में था कि मैने इन सभी बातों को इग्नोर किया और रोशनी को समझाते हुए फिर से उसकी चुत में अपना लन्ड डालने लग गया था। अब मैं रोशनी की चुत को बिल्कुल हल्के से अपना लन्ड अंदर बाहर करते हुए चोद रहा था। कुछ देर तक ऐसे ही दर्द से चुदने के बाद अब रोशनी को भी चुदने में काफी मजा आने लग गया था।।।।। रोशनी की आवाज पूरे कमरे में गूंजती जा रही थी।।। आखिरकार, अब रोशनी ने भी ठीक तरीके से चुदाई का आनन्द ले लिया था। अब तक रोशनी को चोदते हुए मैं एक बार झड़ चुका था, लेकिन रोशनी अभी तक थमने का नाम ही नही ले रही थी।।। कुछ देर बाद मेने रोशनी को घोड़ी बनाया और फिर जोरदार झटकों के साथ पीछे से कमर पकड़ते हुए मैं रोशनी को चोद रहा था। इसके बाद मेने कई पोजिशन को बदलकर रोशनी के साथ चुदाई की और फिर थक कर फिर मैं चुपचाप एक कुर्सी की तरफ बैठ गया था।।।। मैं अब तक पूरी तरह से झड़ चुका था लेकिन जैसे ही मेरा ध्यान रोशनी की तरफ जाता है तो मैं बिल्कुल हैरान ही रह जाता हूँ। मैं देखता हूँ कि रोशनी अभी भी ठंडी नही पड़ी है वो लगातार अपनी चुत में उंगली करते हुए मेरी ही तरफ देख रही थी। कुछ ही देर में रोशनी उठकर मेरी आती है और कुर्सी पर ही मेरे ऊपर बैठकर मेरे लन्ड को अपनी चुत पर सेट करने लग जाती है। रोशनी के मुलायम हाथ पड़ने भर से ही मेरा लन्ड फिर से तेज उत्तेजना के साथ खड़ा हो जाता है। अब रोशनी मेरे ऊपर बैठकर अपनी कमर को ऊपर नीचे ओर गोल घुमाते हुए चुदने लगती है। रोशनी के बाल सीधा मेरे मुंह पर आने लगते है और हमारी आंखें लगातार एक दूसरे मिल रही थी। मुझे यह किसी रोमांटिक सीन की तरह लग रहा था। कुछ देर तो रोशनी ऐसे ही चुदती रही और फिर कुछ देर बाद अपने कपड़े दोबारा पहनकर अपने घर चली गयी थी।।।। उस दिन के बाद जब भी हमारा मन करता था, तब रोशनी ओर मैं एक दूसरे के साथ मिलकर चुदाई कर लिया करते थे।।।।
दोस्तों अगर आपको आज कहानी पसंद आयी हो तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजियेगा।।।।।
Comments
Post a Comment